गौतम अडानी द्वारा राजस्थान के मरुभूमि को ओएसिस में बदलने की नीति को जन-आंदोलन द्वारा रोकने की आवश्यकता- डाक्टर डांगी
23 दिसंबर 2023 को आजादी बचाओ आंदोलन की जूम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राजस्थान के परिपेक्ष में अदानी के लूट पर आजादी बचाओ आंदोलन के संयोजक डॉक्टर मिथिलेश कुमार दांगी ने अपनी बात रखा।उन्होंने देश की शुरुआत करते हुए कहा कि राजस्थान का नाम आते ही शेष भारत के लोगों के मस्तिष्क में सिर्फ रेगिस्तान ,कटीली झाड़ियों के जंगल और राजपूत राजाओं के किलाओं का चित्र उभरता है परंतु ऐसा नहीं है। इस प्रदेश में भी प्रकृति ने भरपूर प्राकृतिक संसाधन दिए हैं।उदाहरण के तौर पर उन्होंने बताया कि भारत में चांदी का जितना भंडार है उसका 98% भाग राजस्थान में पाया जाता है। उसी प्रकार जिप्सम 82% ,पोटाश 94%, ब्लास्टोनाइट 100%, स्फटिक 66%, तांबा 54%, एस्बेस्टस 96%, वेंटो नाइट 75%, ओकरा 81% तथा संगमरमर 63% भंडार राजस्थान में उपलब्ध है। इस प्रदेश में 79 प्रमुख खनिज पदार्थ बहुतायत में पाए जाते हैं । इन खनिजों को लूटने के लिए कई देशी विदेशी कंपनियां गिद्ध दृष्टि जमाए हुए हैं । कुछ ने तो अपना कार्य प्रारंभ भी कर दिया है । इन खनिजों के अलावा राज्य में विस्तृत खाली भू भाग भी है जिस पर ग्रीन एनर्जी के नाम पर सोलर पावर तथा पवन ऊर्जा उत्पादन हेतु विशाल क्षेत्र अदानी समूह को दिया गया है।यह सर्वविदित है कि अडानी समूह और अन्य कंपनियों के मालिक इन उपकारों के बदले राजनीतिक दलों को इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से भारी चंदा देकर इन सरकारों से जन विरोधी कार्य करवाती हैं। राजस्थान का भौगोलिक क्षेत्रफल की चर्चा करते हुए उन्होंने आगे बताया कि इसका क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किलोमीटर है अर्थात 3 करोड़ 42 लाख 23 हजार 900 हेक्टेयर है, जो भारत के राज्यों में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है।इसकी लंबाई 826 किलोमीटर तथा चौड़ाई 869 किलोमीटर है।इसकी जनसंख्या लगभग 7 करोड़ है तथा यह जनसंख्या के आधार पर भारत में सातवें स्थान पर आता है। राज्य में जनसंख्या घनत्व 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। राजस्थान की नदियां राजस्थान का अधिकांश भाग शुष्क है परंतु यहां कई नदियां हैं जो कृषि एवं अन्य उपयोगी कार्यों के लिए बहु उपयोगी हैं तथा उन नदियों में सालों भर पानी भी रहता है इनमें से प्रमुख हैं चंबल जिसकी लंबाई 965 किलोमीटर है।अन्य नदियों में लूणी,माही ,पार्वती, बनास, साबरमती, साहिबी तथा अरवरी है। राजस्थान के वन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान में कुल वन का क्षेत्रफल 328 62.5 वर्ग किलोमीटर है यह क्षेत्रफल राज्य के कुल क्षेत्रफल का 9. 54 प्रतिशत है जो देश के वांछित क्षेत्रफल से बहुत कम है। हालांकि इन वनों से राज्य घरेलू उत्पाद में 716 करोड रुपए का योगदान भी मिला है। राज्य में राज्य में खनिज संसाधनों की स्थिति पर भी उन्होंने बात रखी। डॉक्टर डॉगी इस मुद्दे पर कहा कि राजस्थान खनिज संपदा की दृष्टि से एक संपन्न राज्य है। देश के कुल खनिज में इस प्रदेश का लगभग 22% योगदान है ।इस प्रदेश में वर्तमान में 79 प्रकार के खनिज मिलते हैं । जिनमें 56 खनिजों का ही व्यावसायिक दोहन किया जा रहा है। इन खनिजों का उत्पादन देश के कुल खनिज उत्पादन का 9% है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में खनिज क्षेत्र का योगदान 4.4% है।देश के कुल कच्चे तेल उत्पादन का 24% राजस्थान के बाड़मेर जिले से प्राप्त होता है जो भारत में मुंबई हाई पेट्रोलियम क्षेत्र के पश्चात दूसरा स्थान रखता है।खनिज भंडारों की दृष्टि से यह देश में झारखंड एवं मध्य प्रदेश के बाद तीसरा सबसे समृद्ध राज्य है।राज्य में खनिज संपदा के विविध प्रकारों के भंडार के कारण राजस्थान को “खनिजों का अज़ाबघर ” की उपमा से अलंकृत किया गया है। राजस्थान जैस्पर, बोलोस्टोनाइट , गार्नेट का समस्त भारत में एकमात्र उत्पादक राज्य है।सीसा ,जस्ता ,टंगस्टन, जिप्सम, फ्लोराइट ,मार्बल, एस्बेस्टस , रॉक फास्फेट, फेल्सपार , सोप स्टोन एवं चांदी के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर विराजमान है । राजस्थान में वर्तमान समय में लगभग 1,90,000 बैरल खनिज तेल का उत्पादन प्रतिदिन हो रहा है । राज्य में धात्विक और धात्विक ईंधन तथा आण्विक चारों प्रकार के खनिज पाए जाते हैं प्रमुख खनिजों के भंडार इस प्रकार हैं स्रोत इंडियन मिनरल बुक 2015 से 2020 तक नाम भंडार मिलियन टन में ऊपर के इन खनिजों का बाजार मूल्य 2 अरब 96 करोड़ 31 लाख 53 हजार 504 करोड रुपए अर्थात 296 31.54 ट्रिलियन रुपया होता है।अगर इस कुल मूल्य का आकलन प्रति व्यक्ति किया जाए तो राजस्थान के प्रति व्यक्ति यह 42 लाख 33 हजार 76 होते हैं । यह तो मात्र यह तो मात्र 24 खनिजों के मूल्य का आकलन दिया गया है अगर शेष सभी खनिजो और पेट्रोलियम पदार्थ के मूल्य को भी जोड़ दिया जाए तो या आंकड़ा एक करोड़ के आसपास आ जाएगा। ऊपर के तालिका में मार्बल, ग्रेनाइट, गार्नेट, पेट्रोलियम, एमराल्ड,सोप स्टोन , ऐपेटाइट, एस्बेस्टस , बेरिल, सेंडस्टोन, बेंटोनिट ,फुलर्स अर्थ, ओकरा इत्यादि के मूल्य की गणना नहीं की गई है। राजस्थान में अदानी के परियोजनाओं पर उन्होंने विस्तार से अपनी बातें रखी।उन्होंने बताया कि अदानी समूह ने राजस्थान में कई परियोजनाओं में निवेश करने का वायदा किया है जिसके कारण इस प्रदेश का बड़ा भूभाग और कई संसाधन उसके कब्जे में आएंगे।राजस्थान में अदानी समूह के प्रमुख परियोजनाएं पर उन्होंने दृष्टिपात किया। 1. सौर ऊर्जा उत्पादन विस्तार से अपनी बात रखने के बाद डॉक्टर डांगी ने स्पष्ट कहा कि राजस्थान सहित देश के प्रत्येक भागों में जिस प्रकार विविध संसाधनों का कॉर्पोरेटीकरण या (अदानीकरण) हो रहा है उसे जन-आंदोलन के द्वारा ही दूर किया जा सकता है। मीटिंग का संचालन जलधारा अभियान, राजस्थान के उपेन्द्र सक्सेना जी ने किया। जूम मीटिंग में शामिल प्रमुख साथियों में उपेंद्र सक्सेना, धनीराम, मोहित(राजस्थान), कर्नाटक से विद्या, प्रवीर व पीटर, गुजरात से हसमुख भाई पटेल व उषा पटेल, हरियाणा से हिमांशु व राजकुमार भारत तथा यूपी से प्रदीप पाठक उपस्थित थे।
