बहुराष्ट्रीय उपनिवेशवाद के खिलाफ, जल-जंगल, जमीन, हक़ और हकूक से जीने की लड़ाई में पिछले 37 वर्षों से संघर्षरत आज़ादी बचाओ आन्दोलन की भूमंडलीकरण के खिलाफ घोषणा देश के संसाधनों के मालिक जन-समुदाय है न तो सरकारें मालिक है और न ही कंपनियां.